
- रुद्राक्ष धाम में पूज्य पं प्रेमभूषण जी महाराज की भक्ति मय राम कथा
- सागर मध्यप्रदेश
पूज्य श्री रावतपुरा सरकार के सानिंध्य में प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न, दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में दर्शन प्रारंभ

सागर सत्संग तो अपने घर से ही प्रारंभ होना चाहिए। जैसे मां भगवती ने प्रश्न किया और भोले बाबा ने पूरी राम कथा सुना दी। सत्संग का अर्थ होता है सत्य का संग। जिस घर में सत्संग का प्रवेश हो जाता है सत्संग का वातावरण बन जाता है वह घर अपने आप मंदिर के रूप में परिवर्तित हो जाता है। सत्संग मनुष्य को भटकने से बचा लेता है। यह वचन सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में निर्मित भव्य कथा मंडप में सप्त दिवसीय श्री राम कथा का गायन के दूसरे सत्र में पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए व्यक्त किए।
श्रीराम कथा गायन के लिए लोक ख्याति महाराज श्री ने कई सुमधुर भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित रामकथा के प्रेमी, भजनों का आनन्द लेते हुए झूमते नजर आए। इस आयोजन के मुख्य यजमान एवं विधायक भूपेंद्र सिंह जी ने सपरिवार व्यास पीठ का पूजन किया और राज्य के मंत्री राकेश सिंह एवं सागर के विधायक शैलेन्द्र जैन ने भगवान की आरती उतारी। तत्पश्चात युवा नेता अविराज सिंह ने शिवतांडव स्त्रोत को कंठस्थ सस्वर सुनाया।

पूज्य श्री रावतपुरा सरकार की उपस्थिति में प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न, दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में दर्शन प्रारंभ
प्रातः काल से आरंभ हुए प्राण-प्रतिष्ठा के अनुष्ठानों के पश्चात रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में नवनिर्मित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी की अलौकिक मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम पूरे विधि विधान से पूज्य संत श्री रविशंकर जी महाराज रावतपुरा सरकार की उपस्थिति में संपन्न हुआ। मंदिर के शिखर पर क्रेन के द्वारा धर्म ध्वजा स्थापित की गई। पूज्य पं प्रेमभूषण महाराज जी,श्री रावतपुरा सरकार जी, मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने परिजनों व श्रद्धालुओं सहित दक्षिण मुखी हनुमान जी मंदिर के दर्शन किए। इस प्रकार सभी श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ हनुमान जी मंदिर खोल दिया गया जिसमें पहले ही दिवस हजारों की संख्या में भक्तों ने दर्शन किये
श्रीराम कथा आयोजन के द्वितीय दिवस हनुमानजी के परमभक्त पूज्य श्री रावतपुरा सरकार जी स्वयं कथा श्रवण हेतु मंच पर विराजमान रहे। कथावा बड़ी संख्या में अतिथि गण एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।





