छतरपुर मध्यप्रदेश

हार्ट-अटैक से आंखों के सामने पिता की मौत.
रास्तेभर CPR देता रहा, बोलता रहा आंखें खोलिए पापा.
एम्बुलेंस नहीं मिली तो लोडर वाहन से लाया अस्पताल

छतरपुर में बेटे के आंखों के सामने पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। एम्बुलेंस नहीं मिलने की वजह से लोडर वाहन से अस्पताल जा रहा था, लेकिन गाड़ी ट्रैफिक जाम में फंस गई। बेटा चलती लोडर गाड़ी में CPR देता रहा, लेकिन पिता को बचा नहीं पाया।
जानकारी के मुताबिक 65 वर्षीय जगदीश विश्वकर्मा राजनगर थाना क्षेत्र के तालगांव के निवासी जो अपने बेटे संतोष विश्वकर्मा के साथ छतरपुर जा रहे थे, तभी ग्राम बरकोंहा के पास तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन नहीं पहुंची.
बेटे के मुताबिक पिता की बिगड़ी हालत को देखकर एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरी में गंभीर हालत में पिता को एक लोडर वाहन में अस्पताल रहा रहा था, लेकिन शहर में ट्रैफिक जाम फंस गया।
ट्रैफिक जाम से हुई देरी.
बेटे के मुताबिक पिता की बिगड़ती हालत देख वह घबरा गया। आसपास मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की, लेकिन हालत तेजी से गंभीर होती जा रही थी। लोगों ने ट्रैफिक क्लियर कराने की कोशिश की, लेकिन ट्रैफिक जाम की वजह से देरी हो गई।
पापा, आंखें खोलिए, कहता रहा रोता रहा बेटा
बेटे संतोष के मुताबिक रास्ते भर अपने पिता को सीपीआर देता रहा। चलती गाड़ी में वह बार-बार छाती दबाता, उन्हें आवाज देता कि ‘पापा आंखें खोलिए, ‘पापा, आंखें खोलिए’ लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी।
अस्पताल पहुंचते ही पिता को हाथों से उठाया और भागा, लेकिन तब तक पिता की जान जा चुकी थी। पिता की बॉडी ठंडी हो चुकी थी। अगर समय पर एम्बुलेंस मिल जाती तो पिता की जान बच जाती। बुजुर्ग की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
अस्पताल में डॉक्टर्स ने किया मृत घोषित डॉ. अदिति अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर फौरन जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मरीज को अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी।




