खुरई मुहली बुजुर्ग में अतिक्रमण हटाने के नाम पर काट दिये हरे भरे पेड़

एक ओर शासन वृक्षारोपण करा रहे है। दूसरी ओर हरे भरे पेड़ का टे जा रहे है।

एसडीएम ने कहा कि जांच कर करायेंगे, दोषियो पर कार्यवाही होगी

खुरई शहरी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मुहली बुजुर्ग गांव में अतिक्रमण हटाने के नाम पर हरे भरे फलदार वृक्ष काटने का मामला सामने आया है। ग्रामीण ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर वार्ड पार्षद, मौजा पटवारी, चौकीदार द्वारा बिना सूचना दिए फलदार वृक्ष काटने की शिकायत की। मुहली निवासी हरप्रसाद पिता घासीराम चढ़ार ने आवेदन के माध्यम से बताया कि 25 वर्ष पूर्व शासकीय भूमि पर वृक्षारोपण किया था। जब पेड़ छोटे थे उसी समय ये उनकी सुरक्षा के लिये कांटों की बारगा लगाई थी। जिसमें बेल, अमरूद, आंवला, नींबू, केला, नीम, आम, जामुन, सागौन सहित अन्य पेड़ लगाए थे। जिसकी देखभाल स्वयं की लागत से करता आ रहा है। वृक्ष बड़े हो चुके थे, फल भी देने लगे थे। कुछ लोगों ने उनके कार्य की प्रसंशा कर पेपरों में भी खबर प्रकाशित कराई थी। लेकिन बारगा को अतिक्रमण बताकर रास्ते के एक तरफ लगे दर्जनों पेड़ जेसीबी से उखाड़ दिये।

शासन करा रहा वृक्षारोपण लगे पेड़ों को काटा

पीड़ित ने दुखी मन से बताया कि एक ओर तो सरकारें और प्रशासन पर्यावरण के लिये करोड़ो रुपये खर्च करके वृक्षारोपण कराते हैं। उसने भी वर्षों पहले पर्यावरण के लिये पेड़ लगाये थे। जो अब बड़े हो चुके थे। अतिक्रमण के नाम पर उसने फेंसिंग के लिये बारगा लगाई थी। बिना पेड़ काटे भी काम चल सकता था। लेकिन पेड़ काटने से उसके द्वारा वर्षों की मेहनत बेकार हो गई। पार्षद और पटवारी पर आरोप लगाते हुये कहा कि बुधवार को बिना सूचना दिए वार्ड पार्षद, पटवारी और चैकीदार ने मिलकर उक्त पेड़ो को जेसीबी मशीन से नष्ट कर दिया। आवेदक ने जांच के बाद कार्यवाई की मांग की है। कहा कि जो गांव में कई एकड़ पर कब्जा किये है वह क्यों नहीं हटाया जा रहा।
एक एकड़ पर से कब्जा हटाया
इस संबंध में पटवारी से पूछे जाने पर बताया कि केवल बारगा ही नहीं कई प्रकार से अतिक्रमण इस वृक्षारोपण की आड़ में उक्त व्यक्ति उसके ठीक पीछे एक एकड़ जगह पर अतिक्रमण करके खेती के लिये बरखनी की है। यह पूरा रास्ता आगे 200 मीटर तक गया है। जो इस अतिक्रमण के बाजू में सागौन के और आम के पेड़ लगे हैं उनको नहीं काटा गया है।
अधिकारी का काहना
मुहली गांव में पेड़ काटने का मामला सामने आया है दोनों पक्षों को बुला रहा हूं। जरूरत पड़ेगी तो मौके पर जाकर निरीक्षण भी करूंगा। पेड़ काटने के मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही करूंगा। उन्होंने कहा कि पेड़ तो पेड़ ही होते हैं बिना अनुमति के नहीं काटे जा सकते जांच होगी ।

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