मध्य प्रदेशसागर बुंदेलखंड

जिले में स्कूल वाहनों की आरटीओ द्वारा चेकिंगस्कूल वाहन की गई चेकिंग

सागर कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के आदेश के अनुपालन में सागर जिले में संचालित सभी स्कूल वाहनों की सघन जांच अभियान चलाया गया।
इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री मनोज कुमार तेहनगुरिया ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत 14 मई 2025 को विभागीय जांच दल ने उप पुलिस अधीक्षक के साथ संयुक्त रूप से दून पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल मकरोनिया एवं दिल्ली पब्लिक स्कूल, खुरई रोड स्थित स्कूल परिसरों में खड़े वाहनों की जांच की।
इस दौरान लगभग 52 स्कूल वाहनों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान वाहनों में परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र , आपातकालीन द्वार, सीसीटीबी कैमरा, जीपीएस (वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस), पैनिक बटन, स्पीड गवर्नर डिवाइस, तथा वाहन पर विद्यालय का नाम अंकित होने आदि जैसे जरूरी बिंदुओं की जांच की गई।
अधिकारी ने बताया कि कई वाहनों में दस्तावेजी या तकनीकी कमियां पाई गईं। ऐसे वाहन स्वामियों को 15 दिनों की समयावधि में कमियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नए सत्र के प्रारंभ होने पर यदि उक्त कमियों वाले वाहन पुनः संचालन में पाए गए, तो उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत सख्त कार्यवाही की जाएगी।
साथ ही स्कूल प्रबंधन से अपील कि वह अपने स्कूल में छात्र/छात्राओं को लाने व ले जाने वाली समस्त स्कूल वाहनों का ब्यौरा रखे, कि कौन सा विद्यार्थी किस वाहन से स्कूल आ रहा है, अथवा स्कूल से जा रहा है। स्कूल प्रबंधन स्कूल लाने ले जाने वाले समस्त वाहनों के आवश्यक दस्तावेज की एक प्रति स्कूल में आवश्यक रूप से रखे। स्कूल प्रबंधन यह भी सुनिश्चित करे कि प्रत्येक वाहन में निर्धारित संख्या में बच्चों का परिवहन किया जाये, एवं छात्रों को स्कूल परिसर के किसी सुरक्षित स्थान पर ही सीसीटीव्ही कैमरे की निगरानी में उतारा व चढ़ाया जाये।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने समस्त स्कूल बस संचालकों को हिदायत दी गयी कि वे स्कूल बसों का संचालन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप करें, तथा वाहन में सीसी टीव्ही कैमरा, व्हीएलटीडी, स्पीड गर्वनर, पैनिक बटन, वाहन की कंडीशन, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, मोटरयानकर भुगतान प्रमाण, फस्टेड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, चालक का हैबी लायसेंस एवं चालक निर्धारित गणवेश में वाहन का संचालन करे, एवं स्कूली वाहन में बैठक क्षमता अनुसार ही विद्यार्थी को बैठायें। यदि चौकिंग के दौरान उक्त कमियों के वाहन संचालित होते हुए पाये गये तो मोटरयान अधिनियमों के तहत् नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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