मध्य प्रदेशसागर (M.P.)

  • सागर स्कूल स्तर पर भी पढ़ाई जायेगी डॉ. गौर की जीवनी,

विश्वविद्यालय भेजेगा मध्यप्रदेश शासन को प्रस्ताव

सागर. डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर ने डॉ. गौर के योगदानों, उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक नई पहल की है. इस हेतु गौर पीठ समिति की बैठक कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द जैन एवं उनके साथ जिला शिक्षा से जुड़े अन्य अध्यापक एवं अधिकारी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उपस्थित थे.
गौर पीठ के मुख्य समन्वयक प्रो. नवीन कानगो ने गौर पीठ के उद्देश्यों एवं गतिविधियों को साझा किया. इस अवसर पर कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि सागर शहर के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और विश्वविद्यालय लगातार डॉ. गौर को भारत रत्न दिलाने के अभियान में अपना योगदान दे रहे हैं. इस दिशा में अन्य कई ठोस पहल भी किये जाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में डॉ. गौर की जीवनी से सम्बंधित पाठ्यक्रम संचालित हैं. इस तरह के पाठ्यक्रम स्कूली शिक्षा में भी किये जाने की आवश्यकता है. स्कूली पाठ्यक्रम में विद्यार्थी कई महापुरुषों की जीवनी पढ़ते हैं. इसमें एक बड़ा हिस्सा बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश के महापुरुषों का भी है. डॉ. गौर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी शामिल किये जाने से स्कूली स्तर से ही विद्यार्थी डॉ. गौर की जीवनी से परिचित हो सकें. यह प्रयास डॉ. गौर के प्रति सम्मान की भावना, श्रद्धा, उनके योगदान के महत्त्व एवं उनसे प्रेरणा का स्थायी स्रोत बनकर उभरेगा. सभी सदस्यों ने सहमति व्यक्त की कि विश्वविद्यालय द्वारा इस आशय का प्रस्ताव तैयार कर जिला शिक्षा विभाग के माध्यम से मध्यप्रदेश शासन को भेजा जाएगा. कुलपति द्वारा इसके लिए निर्धारित सिलेबस का प्रारूप एवं अध्याय लेखन विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा किये जाने का भी निर्देश दिया गया.
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों एवं डॉ. गौर की जीवनी, महत्त्व एवं उनके योगदान पर केन्द्रित जानकारियों एवं सामग्री के साथ विश्वविद्यालय की टीम सागर सहित आस-पास के जिलों के स्कूलों एवं महाविद्यालयों में जायेगी ताकि विद्यार्थी न केवल डॉ. गौर एवं विश्वविद्यालय से परिचित हो सकें बल्कि उन्हें महान पुरुष के द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जा सके. इसी के साथ ही विद्यालय के विद्यार्थी भी विश्वविद्यालय भ्रमण भी करेंगे ताकि वे भौतिक रूप से विश्वविद्यालय से परिचित हो सकें. साथ ही उनके लिए अन्य गतिविधियाँ जैसे पेंटिंग, निबंध, भाषण, व्याख्यान भी आयोजित किये जायेंगे. इसके लिए एक वार्षिक कैलेंडर भी तैयार किया जाएगा. बैठक में गौर पीठ समिति के सदस्यों, जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द जैन ने स्कूली स्तर से शुरू किये जाने वाली गतिविधियों के सम्बन्ध में अपने विचार साझा किये. कार्यक्रम के दौरान हेमंत ताम्रकार ने स्वयं द्वारा बनाया गया डॉ. सर हरीसिंह गौर का चित्र कुलपति को भेंट किया.
बैठक में प्रो. डी. के. नेमा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉ. राकेश सोनी, डॉ. विवेक जायसवाल, डॉ. नीरज उपाध्याय, आकाश मालवीय एवं गौर पीठ के सदस्य प्रो. कालीनाथ झा, डॉ. आयुष, डॉ. सोनी चैरसिया एवं डाईट से डॉ. प्रफुल्ल हलवे एवं श्रीमति स्वाति हलवे विशेष रूप से उपस्थित थे.

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