सागर भैंसा गांव के लोगों ने गांव का नाम बदलने की मांग की
भैसा गांव का नाम बताने में शर्म आती है

सागर कहते हैं, नाम में क्या रखा है? लेकिन आज के दौर में नाम ही पहचान बन चुका है। यही वजह है कि कई बड़े शहरों के नाम बदले जा चुके हैं—कभी सरकार की पहल पर, तो कभी जनता की मांग पर। अब मध्य प्रदेश के सागर जिले का एक छोटा-सा गांव भैंसा भी अपना नाम बदलना चाहता है।
यह गांव सागर नगर से सटा हुआ है और पहले मवेशी चराने की अच्छी जगह थी, गांव में भैंस चराने की परंपरा के चलते इसका नाम भैंसा पड़ गया। समय बदला, सोच बदली और अब गांववालों को अपने गांव के नाम पर शर्म आने लगी है।
शनिवार दोपहर 3:00 गांव के बुजुर्ग दीनदयाल चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया अब इस नाम से हमें शर्मिंदगी होती है। लक्ष्मीप्रसाद तिवारी बताते हैं, जब हम बच्चों के रिश्ते की बात करते हैं, तो गांव का नाम बताने में झिझक होती है। दोस्त भी मजाक उड़ाते हैं। गांव के युवा और बुजुर्ग मिलकर अब नाम बदलने की मांग उठा रहे हैं। उनका मानना है कि नए समय के साथ गांव की पहचान भी बदली जानी चाहिए, ताकि किसी को हीन भावना न झेलनी पड़े।
अब पूरा गांव मिलकर प्रशासन से आधिकारिक तौर पर नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है।





