नवरात्रि पर अद्भुत तपस्या: सागर जिले में कमलेश कुर्मी कीलो की सैया पर लेटकर कर रहे हैं मां की आराधना!”

सागर। नवरात्रि का त्योहार देवी दुर्गा की आराधना और पूजा का पर्व है। यह त्योहार नौ दिनों तक चलता है, जिसमें लोग देवी दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिन तक पूजा करते हैं, कुछ भक्त मां की आराधना अनूठे अंदाज में करते हैं ऐसा ही एक भक्त की अद्भुत भक्ति रहली विधानसभा के चांदपुर ग्राम में गुरूभाई धमेंद्र विश्वकर्मा के घर पर कमलेश कुर्मी जिनकी उम्र करीब 40 साल जो देवरी विधानसभा के सूना ग्राम के रहने वाले हैं वह अपने गांव से करीब 8 किलोमीटर दूर चांदपुर में आकर कर रहें यह मां का भक्त दस साल से मां की कठिन आराधना कर रहा हैं लेकिन यह चार-पांच साल से अपने गुरु भाई धर्मेंद्र विश्वकर्मा के यहा अनोखी अद्भुत कठिन साधना करते नजर आ रहे हैं भूख प्यास लगने पर दो चम्मच जल व दो चम्मच दूध लेकर बूझते हैं..
दरअसल देवरी के सूना ग्राम के रहने वाले कमलेश कुर्मी एक सफल छोटे किसान हैं जो लगभग 10 से मां की अनूठी आराधना कर रहें यह हर चैत्र नवरात्रि में अलग-अलग तरह से मां की भक्ति करते हैं चार-पांच से कमलेश अपने गुरु भाई धर्मेंद्र विश्वकर्मा के घर पर एक मिट्टी के सुंदर प्रतिमा तैयार करके घट ज्वारे की स्थापना करके मां की भक्ति करते हैं कमलेश एक माह पहले से खाना-पीना कम कर नवरात्रि के परमा के दिन से भूखे प्यासें कीलों की सैया पर लेट कर भक्ति कर रहे हैं जो बहुत ही कठिन साधना हैं गुरु भाई धर्मेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि कमलेश एक महीने पहले से खाना पीना कम कर नवरात्रि आने तक भोजन बिल्कुल भी बंद कर दें हैं कमलेश ने पहले साल जमीन में लेटे पूरे शरीर पर ज्वारे बोकर लगाएं,दूसरी साल साधारण बैठकर पूरे शरीर पर ज्वारे बोएं, तीसरे साल कीलों की कुर्सी पर बैठकर,चौथीं साल कीलों के झूले पर बैठकर, पांचवीं साल मतलब इस साल कीलों की सैया पर लेटकर आराधना कर रहें हैं।




