सागर श्री रुद्राक्ष धाम में भगवान श्री कृष्ण जन्म महा उत्सव के पावन अवसर पर मध्य रात्रि में भगवान श्री कृष्ण जन्म उत्सव पूजन एवं आरती कर धूमधाम से मनाया ।

सागर मध्य प्रदेश
- सागर रुद्राक्ष धाम में प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी व वैशाली की भजन संध्या
सागर मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटैल ने भगवान श्रीकृष्ण का उल्लेख करते हुये कहा कि उनका जीवन सोलह कलाओं का प्रतिबिम्ब था। हम उनके बताये एक भी रास्ते पर चल पाये तो यह बहुत बड़ी बात है। भगवान कृष्ण की हम सब कृपा बनी रहे।

पूर्व गृहमंत्री, पूर्व सांसद, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में श्री देव हनुमान जी व भगवान श्री राधा कृष्ण जी के दर्शन किए। रुद्राक्ष धाम मंदिर में भगवान श्री बांके बिहारी जी की संगीतमय आरती में श्री भूपेन्द्र सिंह ने परिवार सहित हिस्सा लिया। तत्पश्चात उन्होंने अपने आध्यात्मिक गुरू बैकुंठ वासी श्री देवप्रभाकर शास्त्री जी के चित्र व पूज्य पिता स्व. श्री अमोल सिंह जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर जन्माष्टमी महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत की।
बामोरा स्थित रुद्राक्ष धाम में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में रंगारंग प्रस्तुतियों के मुख्य आकर्षण प्रख्यात भजन गायक हंसराज रघुवंशी ने जय शिव शंकर हरिओम, शिव शिव शिव शंभू, महादेव शंभू, शिव समा रहे मुझमें और मैं शुन्य हो रहा हूं, ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया, भगवान श्री राम का भजन- अयोध्या आए मेरे प्यारे, राम बोलो जय जय श्री राम, गोविंदा गोपाला हरे कृष्ण हरे नंद लाला ,लागी मेरी तेरे संग लगी ओ मेरे शंकरा…. जैसे सुपरहिट भजन गाये।

प्रातः आठ बजे महोत्सव की शुरुआत उज्जैन के भस्म रमैया भक्त मंडल डमरू दल की प्रस्तुति से प्रारंभ हुई। इस प्रस्तुति मे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के आयोजक पूर्व गृह मंत्री, विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने स्वयं भी झांझर बजाया। महोत्सव के प्रथम चरण में राधे-राधे मंडल द्वारा भजनों की प्रस्तुति हुई। श्री गणेश वंदना की सामूहिक प्रस्तुति, गुदुम्ब बाजा प्रस्तुति, खरगोन से पधारे संजय महाजन द्वारा “बांके बिहारी कजरारे तोरे नैन“ भजन पर एकल नृत्य और “चलो रे वृन्दावन“ भजन पर सामूहिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। मंडला से आए सांस्कृतिक दल की श्री राधा कृष्ण जी नृत्य के मनमोहक दृश्य ने रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण का वातावरण मथुरा और वृंदावन के सदृश्य निर्मित कर दिया। लीलाधर रैकवार ने “कन्हैया देखत को हलको सो“ एवं अन्य गीतों के साथ अपनी टीम सहित ढिमरयाई नृत्य की प्रस्तुति दी। मुस्कान साहू और सुभानी ने “कान्हा बरसाने आ जईओ“ गीत पर राधा कृष्ण नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। द्वितीय चरण में इंडियन आइडल,लिटिल चैंप,सारेगामा में ख्याति प्राप्त गायिका वैशाली रैकवार ने भगवान गणेश जी की स्तुति “देवा श्री गणेशाय देवा“ पश्चात “मच गया शोर सारी नगरी में, गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, राधे राधे रटो चले आंएगे बिहारी, सारी दुनिया में आनंद छायो, कान्हा को जनम दिन आयो, वृन्दावन में धूम मचाये ,आज बृज में होली रे रसिया, सहित अनेक भजन और गीत गाये, जिन पर उपस्थित विशाल जन समुदाय ने जमकर नृत्य किया।
नृत्य, श्रीकृष्ण रासलीला, फूलों की होली और मयूर नृत्य, बरेदी नृत्य,कालवेलया नृत्य, के पश्चात रात्रि 12 बजे धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया।




