
सागर में पशु चिकित्सकों को गाय का घी बोलकर मिलावटी घी बेचने का मामला सामने आया है।
घी पर संदेह होने पर शुक्रवार को उन्होंने मोतीनगर थाने पहुंचकर शिकायत की। शिकायत मिलते ही पुलिस ने खाद्य विभाग को सूचना दी। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों ने थाने पहुंचकर घी के सैंपल लिए हैं। सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मोतीनगर चौराहे के पास स्थित संभागीय पशु चिकित्सालय में पदस्थ स्टाफ को गाय का घी बोलकर मिलावटी घी बेचा गया। संदेह होने पर डॉ. अनुज शर्मा ने मोतीनगर थाने में लिखित शिकायत की। शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति जिसका नाम जितेंद्र घोषी निवासी ग्राम आमेट है, संभागीय पशु चिकित्सालय में आया। मुझे और मेरे स्टाफ को 2-2 किलोग्राम मिलावटी घी 600 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से देकर गया।
आप लोग पशुओं की सेवा करते हैं, इसलिए कम कीमत में घी दे रहा है। लेकिन जब जानकार से घी की जांच कराई तो उसमें मिलावट होने का संदेह हुआ। घी में मिलावट होने पर मामले की शिकायत मोतीनगर थाने में की।
डॉक्टर ने मिलावटी घी को नष्ट कराने, प्रयोगशाला में जांच कराने और भुगतान किए गए रुपए वापस दिलाने की मांग की है।
शिकायत मिलते ही मोतीनगर पुलिस ने खाद्य सुरक्षा प्रशासन को सूचना दी।
जानकारी मिलते ही खाद्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घी की जांच शुरू की। घी के सैंपल लिए और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि घी की जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।



