
सागर पुलिस द्वारा बण्डा में सागर गोल्ड नाम की नकली अमानक शराब का निर्माण कर विक्रय करने वाले अन्तराज्यीय संगठित गिरोह का किया पर्दाफाश
पुलिस द्वारा नकली शराब की बोतल बनाने में प्रयुक्त डाई मशीन, बोतल के ढक्कन सील करने वाली मशीन, 4 डाई मशीन, 11050 खाली बोतल, 250 प्लास्टिक की बोतल बनाने वाले कैप्सूल, शराब की बोतल को सील करने वाली मशीन को किया जप्त

सागर पुलिस द्वारा अभी तक 52 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जिनमें से 37 आरोपीयों को गिरफतार किया गया है।
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सागर पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना बण्डा अंतर्गत कुछ ग्रावों में शराब के सेवन से लोगो की मृत्यु हो गई है। सूचना पर सागर पुलिस मौके पर पहुंची घटना में आहत इलाजरत के प्रभावित गांव में निवासरत लोगों से पूछताछ की गई। उक्त मामले में थाना बण्डा एवं थाना विनायका में अपराध पंजीबद्ध किये गये मामला गंभीर एवं संवेदनशील होने के कारण पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर
आरोपी रवि लखेरा ने पूछताछ पर बताया था कि उसने मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर एवं उसके साथी आशीष साहू को नकली शराब बनाकर शराब ठेके की आड में माल खपाने की योजना बनाई गई थी। गिरफतार शुद्वा आरोपी चन्दू राजा उर्फ चन्द्रभान ने पूछताछ में बताया था कि पिछले काफी समय से शराब ठेकेदारों के संपर्क में था, जिसके कारण उसने विनायका स्थित मदिरा शराब के लाईसेसी ठेकेदार सिद्वार्थ कुशवाहा के साथ पार्टनरशिप की, वही दूसरी तरफ अवैध शराब के तस्करी में पूर्व से संलिप्त लाईसेसी ठेकेदार मनीष उर्फ यशवंत ठाकुर निवासी बण्डा से संपर्क होने एवं क्षेत्र में वर्चस्व होने के कारण बरेठी मदिरा शराब दुकान में भी अघोषित रूप से पार्टनरशिप की थी, ताकि अवैध शराब के विक्रय का काम लाईसेसी दुकान के माध्यम से आसानी किया जा सकता है
ग्राम छापरी निवासी शिवान्जय राजपूत थाना बण्डा और इसका दोस्त रोहित पटैल निवासी पिपरिया थाना गढाकोटा पूर्व से दिनेश शिवहरे निवासी मुरैना के संपर्क में थे, शिवान्जय और रोहित ने चंदू राजा को नकली अमानक शराब बनाने का आईडिया दिया था, ।
योजना को पूर्ण करने के लिए दिनेश शिवहरे बण्डा आया, जहाँ पर मनीष लोधी उसका पार्टनर आशीष साहू, शिवान्जय राजपूत, रोहित पटैल मिलकर ग्राम ततरवारा में नकली शराब बनाने को लेकर सहमत हुए। दिनेश शिवहरे ने अपने सहयोगी से ग्वालियर स्थित ट्रासपोर्ट के माध्यम से शराब की बोतल के रेपर प्लास्टिक की बोरी में सागर पहुचाये थे। दिनेश शिवहरे अपने साथीयों के साथ अपनी कार से अपने छोटे भाई छोटू उर्फ ललित शिवहरे, देवेन्द्र उर्फ देवा जाटव, विक्रम जाटव, टिन्कू जाटव, लल्ला जाटव, दीपक शर्मा, सागर जाटव सभी निवासी मुरैना के साथ बण्डा आये थे। दिनेश शिवहरे ने एक वाहन में नकली शराब बनाने का सामान जिसमें खाली बोतल, ढक्कन, शराब पैक करने वाले पुठ्ठे के कार्टून, ढक्कन पैक करने वाली मशीन बुलवाई थी, जिसे चंदू राजा ने अपने घर मे रखा था। शराब बनाने में प्रयुक्त लिक्विड सागर में ट्रासपोर्ट से आया था, जिसे शिवान्जय और बलवंत ने अपनी गाडी से पायलेटिंग कर पिक अप को ततरवारा लेकर पहुंचाया था।दिनेश शिवहरे व इसके साथीयों द्वारा ग्राम ततरवारा में चंदू राजा के घर पर नकली अमानक शराब बनाई थी। शराब की पेटीया चंदू राजा ने अपने सहयोगीयों के माध्यम लाईसेसी दुकान की आड़ में ततरवारा गांव के आसपास के गांव नौराज, गूगरा, छापरी, जगथर, बमूराभेड़ा, पाटन एवं आसपास के गांवों के कमीशनदारों को बेची थी।
इसी नकली अमानक शराब के सेवन से आरोपी दिनेश शिवहरे ओर साथी देवा उर्फ देवेन्द्र जाटव गंभीर हालात होने पर तथा समझ में आ जाने पर कि दिनेश शिवहरे की हालात खराब है,
बंसल हास्पिटल में अग्रिम बेहतर ईलाज के लिए लेकर आए थे। अगले दिन हालात अत्यधिक विगडने पर आरोपीयों को समझ में आ गया था कि जो शराब बनाई गई है, वह अमानक है और उनका भान्डा न फूट जाए, इसलिए उन्होने गंभीर हालात मे दिनेश शिवहरे को बंसल अस्पताल से अपनी रिक्स पर डिस्चार्ज कराकर मुरैना कर दिया था। जिसकी रास्ते में ही मृत्यु हो गई थी। तथा देवा उर्फ देवेन्द्र जाटव को आखों से दिखना बंद हो गया था।
- पुलिस टीम द्वारा तत्काल राजू सेंगर को गिरफतार पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि उक्त पांच ड्रमों को दिल्ली से सागर भेजा गया था,
आरोपीयों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है, चूंकि इस गिरोह का मोटा मुनाफा का बनाने का उद्देश्य था, जिसके कारण जो भी नशीला तरल पदार्थ इन्हे आसानी से उपलब्ध होता था, उससे यह लोग नकली अमानक शराब बनाया करते थे।



